ग्राम स्वराज की परिकल्पना को साकार करने के लिए बच्चों के हित को ध्यान में रखते हुए उनके संरक्षण को सुनिश्चित किया जाना जरुरी

Sarpanch Orientation_Ghatol_Vaagdhara

ग्राम स्वराज की परिकल्पना को साकार करना है तो सबसे पहले बच्चों के सर्वोत्तम हित को ध्यान में रखते हुए उनके संरक्षण को सुनिश्चित किया जाना अत्यंत जरुरी

चाइल्ड राइट्स फॉर चेंज परियोजना के अंतर्गत वाग्धारा संस्था, सेव द चिल्ड्रन एवं ज़िला प्रशासन के संयुक्त तत्वाधान में पुरे जिले की पंचायत समितियों में आयोजित बाल संरक्षण विषय पर सरपंच व ग्राम विकास अधिकारीयों का एकदिवसीय प्रशिक्षण का समापन आज घाटोल पंचायत समिति के प्रशिक्षण के साथ हुआ I जिसमे घाटोल पंचायत समिति की समस्त ग्राम पंचायतों से सरपंच, ग्राम विकास अधिकारी एवं ब्लॉक स्तर के अधिकारियों ने बच्चों के हितो को सर्वोच्च प्राथमिकता दिए जाने और बाल मैत्री वातावरण निर्माण कर ग्राम स्वराज की परिकल्पना को साकार करने का संकल्प व्यक्त किया I

जिला बाल कल्याण समिति के सदस्य मधुसुदन व्यास ने मुख्य वक्ता के रूप में उक्त विषय पर अपनी बात को रखा I प्रशिक्षण की अध्यक्षता विकास अधिकारी हरिकेश मीणा ने की I वाग्धारा से बाल अधिकार कार्यक्रम अधिकारी सैम जैकब ने पंचायत स्तरीय बाल संरक्षण समिति के ढांचे, समिति के उत्तरदायित्व व जिम्मेदारियां और समिति को कार्यशील बनाने पर पॉवर पॉइंट प्रस्तुतीकरण के माध्यम से चर्चा की I

जिला बाल कल्याण समिति सदस्य मधुसुदन व्यास ने प्रशिक्षण के दौरान उपस्थित सहभागियों से निवेदन किया की अगर हमको महात्मा गाँधी के ग्राम स्वराज की परिकल्पना को साकार करना है तो सबसे पहले हम सबको बच्चों के सर्वोत्तम हित को ध्यान में रखते हुए उनके संरक्षण को सुनिश्चित किया जाना अत्यंत जरुरी है I जब भी पंचायतो में ग्राम विकास की योजनाएं बनती है तो वह केवल बड़े लोगो तक ही या स्थानीय संसाधनों तक ही सीमित होती है, उसमे बच्चे हमेशा वंचित रह जाते है I इसलिए अगर आपको वास्तव में अपने बच्चों का समेकित  विकास करना है तो ग्राम पंचायत बाल संरक्षण समिति के ज़िम्मेदार सदस्य होने के नाते यह आप सबकी ज़िम्मेदारी है की विकास की योजनाओं में बच्चों को भी जगह दी जाये, गाँव स्तर पर बच्चों के अधिकारों को संरक्षित करने के लिए गाँवो की सरकार द्वारा प्रयास किये जाये I

विकास अधिकारी हरिकेश मीणा ने अपने उद्बोधन में कहा की पूरी पंचायत समिति को बाल मित्र बनाने के लिए हर ग्राम पंचायत स्तर पर बाल संरक्षण समितियों का गठन वाग्धारा संस्था के सहयोग से किया जा चूका है और नियमित मासिक बैठको के माध्यम से उनको क्रियाशील बनाने का प्रयास किया जा रहा है I इसीलिए जब तक समिति के सदस्य स्वयं बच्चों की वर्तमान स्थिति को आत्मसात कर दिल से उनके संरक्षण के बारे में ना सोचेंगे तब तक समेकित बाल संरक्षण योजना का प्रभावी क्रियान्वयन जमीनी स्तर तक नहीं हो पाएगा I इसलिए हम सभी जिम्मेदार लोगो को बच्चों के प्रति संवेदनशील होकर इन समितियों में अपनी जिम्मेदारी पूरी ईमानदारी के साथ निभानी होगी ताकि आने वाले समय में पुरे जिले में घाटोल पंचायत समिति एक आदर्श बाल मित्र पंचायत समिति के रूप में अपनी पहचान साबित करे I चाइल्ड लाइन सेवा से बसुडा कटारा ने इस सेवा के माध्यम से बच्चों के लिए किए जा रहे प्रयासों से सभी को अवगत करवाया I

परियोजना प्रबन्धक माजिद खान ने बताया की 7 अगस्त, 2020 से छोटी सरवन पंचायत समिति से शुरू हुआ यह प्रशिक्षण कार्यक्रम आज दिनांक 14 अगस्त, 2020 को घाटोल पंचायत समिति में सफलतापुर्वक पूर्ण हुआ I जिले की समस्त पंचायत समितियों पर वाग्धारा संस्था द्वारा समेकित बाल संरक्षण योजना के तहत गठित ग्राम पंचायत स्तरीय बाल संरक्षण समितियों को क्रियाशील बनाने के उद्देश्य से इस प्रशिक्षण का आयोजन किया गया I

संस्था सचिव जयेश जोशी जी ने बताया की पुरे जिले को बाल मित्र बनाने के उद्देश्य से समस्त सरपंच, ग्राम विकास अधिकारीयों, ब्लॉक व जिला स्तरीय अधिकारीयों के साथ नियमित संवाद किये जाने की महत्ती  आवश्यकता है, इसलिए संस्था द्वारा इस कार्य को आगे बढ़ाने हेतु एक वाट्सअप ग्रुप बनाया जाएगा जिसमे बाल संरक्षण विषय पर नियमित संवाद की एक कड़ी का आयोजन किया जाएगा ताकि आने वाले समय में पुरे जिले में बाल संरक्षण समितियों को कार्यशील बनाकर बाल मित्र वातावरण का निर्माण किया जा सके I

प्रशिक्षण के अंत में हेमंत आचार्य ने सभी सहभागियों एवं अतिथियों को प्रशिक्षण में सक्रीय भागीदारी निभाने  के लिए धन्यवाद ज्ञापित करते हुए सभी का आभार व्यक्त किया |

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