Training on child protection and child rights under Child Rights for Change program

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One Day training on child protection and child rights for Sarpanch and Village Development Officer was conducted by VAAGDHARA as part of the Child Rights for Change Phase II project by Save the Children. The training was an attempt for the formation of Panchayat Level Child Protection Committee (PLCPC) in all the Panchayat thus this will be a move towards ending child labour and enrolment of all child in schools. The training was to create awareness on child rights and the importance of child protection.  

Motivated the participants for increasing the linkages with the social protection scheme shall be happening effectively. Awareness of ChildLine 1098 shall be reached out to extreme corner of the villages in order to ensure the safety of child.

The training was enriched with an effective session done by Madhusudan Vyas. He gave detailed information on various institutions and stakeholders at various levels for ensuring child rights.

Block Development Officer Mr. Hitendar Trivedi, Social Security Officer Ms. Hemangi Ninama and Block Education Officer Mr. Ramlal Dindor participated in the training. They all shared that Sarpanch shall be giving one hour towards child rights concerns in their respective PRIs.

BDO ordered that the PRIs where Panchayat Level Child Protection Committee (PLCPC) is not formed yet shall be formed in a week's time.

बाल संरक्षण विषय पर सरपंच एवं ग्राम विकास अधिकारीयों का एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजीत: बीडीओ ने पंचायत स्तरीय बाल संरक्षण समिति गठन हेतु दिया आदेश

दिनांक 7 अगस्त 2020 को पंचायत समिति छोटी सरवन मे बाल संरक्षण विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया I वाग्धारा और सेव द चिल्ड्रन के द्वारा चलाई जा रही सी आर सी परियोजना के अंतर्गत बांसवाडा के सभी ब्लॉको मे पंचायत स्तरीय बाल संरक्षण समिति को सक्षम बनाने हेतु इस प्रशिक्षण द्वारा पूर्ण प्रयास किया जा रहा है I

छोटी सरवन मे ब्लॉक विकास अधिकारी (बीडीओ) श्रीमान हितेंद्र त्रिवेदी की अध्यक्षता में प्रशिक्षण का आयोजन वाग्धारा द्वारा किया गया I एक दिवसीय बाल संरक्षण प्रशिक्षण की गुणवत्ता सफलतापूर्ण श्री मधुसुदन व्यास, सदस्य, जिला बाल कल्याण समिति, बांसवाडा के नेत्रत्त्व में हुआ I सामाजिक सुरक्षा अधिकारी श्रीमती हेमांगी निनामा और मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी श्रीमान रामलाल डिंडोर ने भी इस प्रशिक्षण में  भागीदारी लेते हुए कहा की बच्चो को शिक्षा से जोड़ना अनिवार्य है साथ ही सामजिक सुरक्षा का लाभ हर वंचित बच्चों और परिवार को मिलने मे उनका पूरा सहयोग रहेगा I श्रीमान रामलाल डिंडोर ने सभी सरपंचो और सचिवों से निवेदन करते हुए कहा की वह दिन का एक घंटा बच्चो के हित के लिए समर्पित करे, और विद्यालय में जाकर वहां दी जा रही सेवाओं का आंकलन करना शुरू कर देवे ताकि इन सेवाओं को ओर बेहतर बनाया जा सके I

प्रशिक्षण के महत्व को समझते हुए ब्लॉक विकास अधिकारी श्रीमान हितेंद्र त्रिवेदी ने सभी सरपंचो और सचिव को आदेश दिया की जिन ग्राम पंचायतो में अभी तक  बाल संरक्षण समिति का गठन नहीं हुआ है वह आने वाले एक सप्ताह मे इसे पूर्ण करे, ताकि जिला स्तर पर जानकारी साँझा की जा सके I

प्रशिक्षण के दौरान बाल कल्याण समिति के सदस्य श्री मधुसुदन व्यास ने विस्तार रूप से और बड़ी  सवेंदनशीलता से यह बताया की बाल संरक्षण अत्यंत आवश्यक है क्यूंकि बाल संरक्षण और बाल अधिकार का महत्व आने वाली पीढ़ी को देश के विकास मे पूर्ण रूप से गुणवत्तापूर्ण नेत्रत्त्व प्रदान कर सके I उन्होंने सभी सरपंचो और सचिवो को यह मार्गदर्शन दिया की वह विकास के अन्य काम को जितना महत्व देते है उतना बाल संरक्षण और बाल अधिकार को भी देवे I श्रीमान ने बाल कल्याण समिति और किशोर न्याय बोर्ड की जिम्मेदारियों को साँझा करते हुए पंचायत स्तर से जिला स्तर तक बाल अधिकार समितियों की भूमिका के बारे मे अवगत कराया I

वाग्धारा से सैम जैकब ने पंचायत स्तरीय बाल संरक्षण समिति के गठन, सदस्यों की भागीदारी और समिति को कार्यशील बनाने पर चर्चा की I चाइल्ड लाइन से बसुडा कटारा ने बताया की अगर कोई भी बच्चा किसी भी दुविधा मे हो तो चाइल्ड लाइन 1098 मे कॉल कर केस दर्ज कराये I 

परियोजना समन्वयक माजिद खान ने सभी सहभागियों से निवेदन किया की वर्तमान में कोरोना महामारी के समय में आप सबकी भूमिका बहुत ही महत्त्वपूर्ण है ताकि बच्चों को पूरी तरह से संरक्षण दिया जा सके, साथ ही ध्यान रखे की कोई भी माँ बाप अपने बच्चों को किसी भी प्रकार के बाल श्रम में शामिल ना करे I आने वाले समय में ग्राम पंचायत स्तरीय बाल संरक्षण समिति अपने अपने गाँवो में समुदाय आधारित बाल निगरानी को क्रियान्वयित करवाना शुरू करे ताकि बच्चों को एक बाल मित्र वातावरण प्रदान किया जा सके.

प्रशिक्षण में सभी 21 ग्राम पंचायतो से कुल 39 जनों की सहभागिता रही.

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