गाँधीजी का स्वराज हर तबके के लिए लाभदायक

स्वराज सन्देश संवाद पदयात्रा में यात्री गाँव गाँव में विभिन्न समुदायों को गाँधी जी के स्वराज संदेशों से परिचित करा रहे हैं
September 27, 2022
महात्मा गाँधी एवं विनोभा भावे के रचनात्मक कार्यों के क्रियान्वयन और अनुभवों का सन्देश देती स्वराज सन्देश संवाद पदयात्रा बाँसवाड़ा से 500 किलोमीटर की यात्रा तय कर आज जयपुर पहुंचेगी
September 29, 2022
स्वराज सन्देश संवाद पदयात्रा में यात्री गाँव गाँव में विभिन्न समुदायों को गाँधी जी के स्वराज संदेशों से परिचित करा रहे हैं
September 27, 2022
महात्मा गाँधी एवं विनोभा भावे के रचनात्मक कार्यों के क्रियान्वयन और अनुभवों का सन्देश देती स्वराज सन्देश संवाद पदयात्रा बाँसवाड़ा से 500 किलोमीटर की यात्रा तय कर आज जयपुर पहुंचेगी
September 29, 2022

आदिवासी जीवनशैली में गाँधी और विनोबा भावे की स्वराज की विचारधारा पर आधारित स्वराज संदेशों को अपने अनुभव के लाभों के साथ, परम्परागत कृषि पद्धतियों को अपनाने, बुनियादी शिक्षा को पुनः लागू करवाने, वैचारिक स्वराज को सरंक्षित करने का आग्रह करते हुए पीढ़ियों का आपस में संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से आयोजित स्वराज सन्देश संवाद पदयात्रा में आज टोंक जिले के चांदसेन, मीणा की ढाणी, धोली, डिग्गी, और सोडा गाँव में स्वराज संवाद कार्यक्रम हुए जिनमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने शिरकत की। इस अवसर पर पदयात्रा का नेतृत्व कर रहे वाग्धारा संस्था के सचिव जयेश जोशी ने कहा कि गाँधी जी की स्वराज की अवधारणा बहुत व्यापक है जिसमें :

ग्राम स्वराज के तहत सत्ता के विकेंद्रीकरण और गाँवों को पूर्ण रूप से आत्मनिर्भर तथा स्वावलंबी बनाना है
कृषि स्वराज प्राप्त करने के लिए खाद, बीज तथा खेती की दवाइयों के लिए स्वयं पर निर्भर तथा बाज़ार से मुक्त रहना तथा
बुनियादी शिक्षा के सिद्धांत से बच्चों के अधिकारों के सुरक्षित कर बेरोज़गारी की समस्या से निजात दिलाना शामिल हैं।
जल स्वराज पर उन्होंने कहा कि पहले की भांति घर का पानी घर में, खेत का पानी खेत में और गाँव का पानी गाँव में बचाना होगा। उन्होंने कहा कि आज ज़रुरत इस बात की है कि हम अपनी ज़िम्मेदारी समझें, सत्ता से सवाल करें, आपसी संवाद को पुनः स्थापित करें, और अपनी बात कहने के लिए युवा आगे आयें. यदि आज हम ऐसा नहीं करेंगे तो आने वाली पीढियां हमें कभी माफ़ नहीं करेंगी। आज इस बात पर गंभीरता से विचार करना होगा और अपने आप से सवाल करना होगा कि पहले हम क्या उगाते थे और क्या खाते थे उसमे से आज हमारे पास क्या नहीं है और क्यों. जो हमारी ज़रूरतों का सामान है क्या वो हमारे पास उपलब्ध है या उसके लिए हमें किसी बाहर वाले का मुंह देखना पड़ता है।

दरअसल आज़ादी के बाद हमने ये मान लिया है कि अब जो कुछ भी करना है वो सरकारों को करना है. हम सरकारों के भरोसे रह गए और अपनी इस दुर्दशा के लिए हम खुद ही ज़िम्मेदार हैं। अपने घर की समस्याओं की तरह अपने गाँव की समस्याओं का हल भी स्थानीय तरीकों से खोजने के लिए हमें ही प्रयास करने होंगे।

इसी बीच पदयात्रियों का जगह –जगह स्वागत जारी रहा जिसमें केकड़ी के पूर्व विधायक शत्रुघ्न गौतम, ढोली गांव के राम जी जाट, मालपुरा के किसान सेवा समिति महासंघ अध्यक्ष श्री कैलाश जी गुर्जर, कल्याण किसान सेवा समिति की सदस्य श्रीमती गुलाब देवी वर्मा ने सभी पदयात्रियों का स्वागत किया। संस्था की ओर से सभी स्वागतकर्ताओं का अभिनंदन किया गया. यात्रा के आज के पड़ाव में ग्राम चौसला में रात्रि चौपाल का आयोजन किया जायेगा।

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Aaqib Ahmad

IT Support & Development

Aaqib holds a Master of Computer Applications (MCA) from Jawaharlal Nehru Technological University, Hyderabad. With experience in data analysis, website development, and market research, he transitioned to the development sector seeking purpose-driven work and new challenges.
Working at Vaagdhara has transformed not just my career but my outlook on life. I came here as an IT professional, but I have grown into someone who understands the pulse of rural and tribal communities.